महाशिवरात्रि पर महा कुंभ 2025 का भव्य समापन
महा कुंभ मेला 2025, जो हर 12 वर्षों में एक बार आयोजित होता है, आज महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर अपने अंतिम चरण में पहुंच गया। लाखों श्रद्धालुओं, संतों और भक्तों ने त्रिवेणी संगम और अन्य घाटों पर अंतिम अमृत स्नान कर इस दिव्य आयोजन का समापन किया।
इस वर्ष का कुंभ मेला एक विशेष खगोलीय संयोग के साथ आया, जो हर 144 वर्षों में होता है। 13 जनवरी (पौष पूर्णिमा) से शुरू हुए इस भव्य आयोजन ने अब तक 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। इस दौरान साधु-संतों की भव्य शोभायात्राएं और तीन प्रमुख अमृत स्नान भी हुए।
सुबह 6 बजे तक 41 लाख श्रद्धालु कर चुके थे स्नान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, बुधवार सुबह 2 बजे तक 11.66 लाख श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान कर चुके थे। यह संख्या अगले दो घंटों में बढ़कर 25.64 लाख हो गई और सुबह 6 बजे तक 41.11 लाख से अधिक भक्तों ने पवित्र डुबकी लगाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर श्रद्धालुओं को बधाई देते हुए लिखा,
“महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने वाले सभी पूज्य संतों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई… हर हर महादेव!”
श्रद्धालुओं का महासागर: महा कुंभ का अंतिम दिन
दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागम में देशभर से श्रद्धालु पहुंचे। पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, बिहार, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से लाखों भक्त प्रयागराज पहुंचे। नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन का साक्षी बनने आए।
सुरक्षा के सख्त इंतजाम
कुंभ मेले की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे डीआईजी (कुंभ) वैभव कृष्ण ने बताया कि पुलिस बल को दो मुख्य मोर्चों पर तैनात किया गया है— एक, संगम और अन्य प्रमुख स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन के लिए, और दूसरा, मेला क्षेत्र के पांच प्रमुख शिवालयों में, जहां भक्त भगवान शिव को पवित्र जल अर्पित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मंगलवार शाम से मेला क्षेत्र को ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित कर दिया गया है और बुधवार को किसी भी वीआईपी को विशेष सुविधाएं नहीं दी जाएंगी।
वाराणसी में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
महाशिवरात्रि के अवसर पर वाराणसी प्रशासन भी सतर्क है। महा कुंभ के समापन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के वाराणसी पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने विशेष भीड़ नियंत्रण योजना लागू की है।
ट्रैफिक प्रबंधन को सख्ती से लागू किया जा रहा है ताकि वाराणसी में लंबा जाम न लगे। इसके लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और शहर के अंदर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, रेलवे स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिससे यात्रियों को आसानी से उनकी गाड़ियों तक पहुंचाया जा सके।
निष्कर्ष
महा कुंभ 2025 का यह अंतिम अमृत स्नान महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक दिव्य और भव्य आयोजन बन गया। करोड़ों श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक मेले में भाग लेकर पुण्य अर्जित किया। प्रशासन की कड़ी व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आस्था ने इस आयोजन को सफल बनाया।
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